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Samsamayik Nibandh

Samsamayik Nibandh

Availability: In stock

ISBN: 9788193289389

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प्रस्तुत निबंध अखिल भारतीय सिविल सेवा की प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रांतीय सिविल सेवा परीक्षाओं को केंद्र में रखकर लिखे गए हैं। इधर जो निबंध के स्वास्थ्य और उसकी धारणा में परिवर्तन आया है, वह पिछले आठ-दस वर्षों में अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में निबंध के अनिवार्य प्रश्‍नपत्र में पूछे गए हिंदी निबंधों के शीर्षकों से स्पष्‍ट हो जाता है। ये शीर्षक बँधी-बँधाई लीक से हटकर हैं; अत: यह भी स्वाभाविक और आवश्यक है कि इस तरह के निबंधों की लेखन-शैली पारंपरिक निबंधों से भिन्न हो।
इस पुस्तक में संकलित निबंधों में निश्‍च‌ित ही आपको एक नई निबंध-शैली का ऐसा अनुभव होगा, जो न केवल निबंध-रचना की एक विशिष्‍ट पद्धति से परिचित कराएगा, अपितु लिखने के लिए निरंतर प्रेरित करते हुए आपके व्यक्‍तित्व में कुछ नया जोड़ेगा। स्पष्‍ट है कि ये तीनों प्रेरणाएँ आपको परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में सहयोग करेंगी।
इन निबंधों का महत्त्व केवल परीक्षा की ही दृष्‍टि से नहीं है। उन पाठकों को भी ये संतृप्‍ति देंगे, जो अपने विषय में और अपने से बाहर की दुनिया को जानने में रुचि रखते हैं। ये निबंध अपनी साहित्यिक समृद्धि और विशिष्‍ट शैली से आर्थिक, दार्शनिक, सामाजिक, राजनीतिक स्तर पर आपकी अनेक जिज्ञासाओं को तृप्‍त करेंगे और आपके भीतर अनेक जिज्ञासाएँ भी जाग्रत् करेंगे।
प्रस्तुत पुस्तक निश्‍च‌ित ही प्रतियोगिता के संसार में एक अभिनव सर्जनात्मक हस्तक्षेप करनेवाली कृति सिद्ध होगी, ऐसा हमारा विश्‍वास है।

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